मेवात का बेटा आबिद हुसैन बना चैम्पियन, मलेशिया से ‘वेट लिफ्टिंग’ में जीत लाया गोल्ड मेडल

देश के मेवात इलाके के एक मुस्लिम बेटे ने मलेशिया में आयोजित 2018 के एशिया पैसिफिक मास्टर्स गेम्स में सारे देश का दुनियाभर में नाम रोशन किया है| आपको बता दें की मेवात के रहनेवाले आबिद हुसैन ने हेवी वेट लिफ्टिंग की 77 किलोग्राम कैटिगरी में विदेशी धुरंदरों को पछाड़ते हुए अपने देश की झोली में एक शानदार गोल्ड मेडल जीता है| ये आबिद हुसैन की रात दिन एक की गयी मेहनत और लगन का ही नतीजा है कि आज वे विदेश में इस सम्मान के हक़दार बने हैं|

एक बात जानकर आपको और हैरानी होगी की आबिद हुसैन मेवात के निवासी हैं और वे पेशे से एक अध्यापक भी हैं| उनके बचपन के एक साथी अध्यापक नाजिम हुसैन ने बताया कि आबिद को बचपन से ही वेट लिफ्टिंग का बहुत जुनूनी शौक था| और उन्होंने कुछ भी किया लेकिन अपनी वेट लिफ्टिंग की प्रेक्टिस को लगातार जारी रखा जिसकी वजह से आज मलेशिया में उनको गोल्ड मैडल हासिल हुआ है|

इसके अलावा आबिद हुसैन अपनी तनख्वाह का अधिकांश हिस्सा युवाओं को वेट लिफ्टिंग का प्रशिक्षण देने और उससे सम्बंधित कार्यों को करने में लगा देते हैं| 1982 में दिल्ली में आयोजित हुए एशियाड खेलों में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए आबिद हुसैन ने अपने करियर की शुरुआत की थी| फिर इसके बाद आबिद ने राष्ट्रीय स्तर पर श्रीनगर में हुई वेट लिफ्टिंग स्पर्धा में आबिद ने पहला स्थान प्राप्त किया था|

यहाँ से उन्होंने पंजाब के पटियाला से एनआईएस का डिप्लोमा भी किया हुआ है, और 18 साल तक की उम्र तक फिरोजपुर झिरका के युवाओं को इन्होने जमकर प्रशिक्षण दिया और वे लगातार उन्हें इस काम के लिए प्रोत्साहित करते रहते हैं| उनसे ट्रेनिंग पाकर कई प्रदेश के युवा प्रदेश स्तर पर पदक जीत चुके हैं।

मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले आबिद के पिता जमील अहमद भारतीय स्टेट बैंक से रिटायर्ड हेड गार्ड रहे हैं, और उनके तीनों भाई भी वेट लिफ्टर रह चुके हैं| यानी आबिद ने इस खानदानी परंपरा को आगे बढाया है| इनके पिता के तीनों भाइयों ने नूंह कालेज के डीपी अरशद मलिक से आबिद ने ट्रेनिंग ली थी|

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