खुलासा: 4500 रुपए में गौ-तस्करों का ट्रक बार्डर पार करा देते हैं फर्जी गौरक्षक, पाकुड़ से संतोष कुमार की रिपोर्ट

देश में जबसे भाजपा आयी है, आये दिन गौतस्करी के नाम पर मुसलमानों की जान लेने वाले ये सरकारी संरक्षण प्राप्त गौ-आतंकवादियों के फर्जी गौ-प्रेम का भन्दा फोड़ हुआ है| और इस पड़ताल में छानबीन के दौरान देश की अर्थव्यवस्था में जाली करंसी का जहर घोल रहे गौ तस्करों के एक बड़े नेटवर्क का पता लगा है| दरअसल ये वोही फर्जी गोउ सेवक हैं जो लोगों की भक्ती का गलत तरीके से फायदा उठा रहे हैं| नाम देश के मुसलमानों का बदनाम हो रहा है और जिनके संरक्षण के लिए इन लोगों को तैनात किया गया था दरअसल ये खुद ही इनकी माता की जान का सौदा कर रहे हैं|

फर्जी गौरक्षक बड़े पैमाने पर, गोउ तस्करी में शामिल हैं

गौवंश को मौत के मुंह में धकेलने वाले ये लोग जिनको सम्मान की नज़रों से देखा जाना चाहिए, ये खुद ही गाय का सौदा कर रहे हैं| और इनकी मदद वही संस्था कर रही है जिसे रोकने के लिए बाकायदा खाकी वर्दी पहनने का अधिकार मिला हुआ है|

ये बात पाकुड़ पुलिस की जांच में सामने आये है, जिसमे यह खुलासा हुआ है| एक संस्था जो गाय को बचाने के लिए काम करती है ये खुद ही पुलिस की लोकेशन का पता गोउ तस्करों को देते रहते हैं और उन्हें सुरक्षित तरीके से झारखण्ड का बार्डर पार करा देते हैं|

ऐसे खुलासा हुआ इस नेटवर्क का

दरअसल पाकुड़ पुलिस ने जब एक सिवान के तस्कर को दबोचा तो उसके ज़रिये ये सारा राज खुला कि किस तरह से गौरक्षक अधिकारीयों से सांठगाँठ करके गौ तस्करों को पुलिस की मौजूदा लोकेशन देते रहते हैं और 4500 रूपये की रकम लेकर ट्रकों को सुरक्षित तरीके से बॉर्डर पार निकाल दिया जाता था|

इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि इस काम को करवाने के लिए सीवान के पदाधिकारी संजीव कुमार मिश्रा को 4500 तथा गोड्डा के एसपीसी पदाधिकारी रामप्रकाश सिंह और बांका के एसपीसी पदाधिकारी सुधीर सिंह और राजेश सिंह को सीमा पार कराने के एवज में ₹3000 प्रति वाहन बतौर रिश्वत दिया जाता था|

सबसे ज्यादा गौतस्कर बंगाल की सीमा से लगे थाना क्षेत्र से

आपको यह जानकर बड़ी हैरत होगी सिर्फ 8 महीने 130 से भी ज्यादा गोउ तस्करों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है| जिसमें सबसे ज्यादा मामले बंगाल की समा से लगे थाना क्षेत्र के हैं| इसका मतलब कि पुलिस भी इसमें बहुत अच्छी तरह से मिली हुयी थी| हालांके इस घटना के बाद SP शैलेंद्र वर्णवाल ने इस मामले में कहा है कि इस काम में जो भी शामिल हुआ या जिसे लिप्तता पाई गयी उसपर वैज्ञानिक तरीके से दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी|

Facebook Comments