भारतीय सेना ख़त्म कर सकती है डेढ़ लाख नौकरियां, बचत के पैसों से हथियार खरीदे जायेंगे

जब से इस देश की बागडोर भारतीय जनता पार्टी ने संभाली है, तब से इस देश में लगातार नौकरियों के लाले पड़े हुए हैं| यहां तक की नए रोजगारों की संभावना तो छोड़िए जिन लोगों की नौकरियां थीं ऐसे हजारों लोग अपनी उन नौकरियों से हाथ धो बैठे हैं| देश की जानी मानी वेबसाइट जनसत्ता के मुताबिक ये खबर आ रही है, कि मोदी सरकार मैं भारतीय सेना डेढ़ लाख नौकरियां ख़त्म करने पर विचार कर रही है| और इस पैसे से जो भी बचत होगी उससे देश के लिए हथियार खरीदने का काम किया जाएगा|

अत्‍याधुनिक हथियार खरीदने के लिए नौकरियों को ख़त्म करना होगा?

भारतीय सेना अपने लिए कुछ साजो सामान खरीदने हेतु देश में तकरीबन डेढ़ लाख लाख नौकरियों को समाप्त कर सकती है| खबर के अनुसार अगर ये काम होता है तो लगभग इससे सेना के पास 5000 से 7000 करोड़ रुपये तक की अनुमानित बचत होने की संभावना है| और इस रकम से अत्‍याधुनिक हथियार खरीदे जाने की योजना है|

इंडियन आर्मी के वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल जिनका नाम शरथ चंद है, आपने मार्च में संसदीय समिति के समक्ष देश के पास हथियारों की कमी होने के बारे में विस्‍तृत रिपोर्ट जानकारी के रूप में पेश की थी| ऐसा कभी सोचा भी नहीं था कि देश की रक्षा करने के लिए जब हथियार खरीदना पड़ेगा तो उसका पैसा सरकारी खजाने से नहीं वाल्की भारतीय जवानों की नौकरियों को खत्म करके इस तरह से उस पैसे का इस्तेमाल किया जाएगा| अगर ऐसा होता है तो हमारे देश के लिए यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात होगी|

भारत के पास दुनिया की चौथी सबसे बड़ी सेना

हमारे लिए ये बहुत गर्व की बात है कि हम उन लोगों में से भी हैं, जिसके पास दुनियाभर के देशों में से सबसे बड़ी सेन्य शक्ती है| दुनियाभर में भारत देश को एक दुनिया की चौथी सबसे बड़ी सेना के रूप में भी जाना जाता है|

इसे हम दुर्भाग्य ही कहेंगे कि इतने सालों मैं देश की सरकारें, देश की रक्षा करने वालों को वह सब कुछ नहीं दे पाई जो आज उनको उनके पास होना चाहिए| सेना नहीं तो हमारा देश नहीं, चाहे कैसी भी मुसीबत हो चौबीसों घंटे अपनी जान दांव पर लगाकर भारतीय सेना के जवान हमारी रक्षा करते हैं, तभी हम लोग चैन की नींद सो पाते हैं|

भारतीय सेना का बजट

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वर्तमान में भारतीय सेना मौजूदा का जो बजट है वो कुल 1.28 लाख करोड़ रुपए का है और इसमें से लगभग 83 फीसद रकम रोज़मर्रा के खर्च और जवानों को वेतन में ही पूरी हो जाती है| फिर इसके बाद सेना के पाास महज 26,826 करोड़ रुपय के रकम बचती है| और इस रकम में से इंडियन आर्मी नए हथियारों की खरीद या फिर उनके रखरखाव पर खर्च कर देती है|

देश को बेहद मज़बूत सुरक्षा कवच की ज़रुरत

वर्तमान की स्तिथी को देखते हुए सेना में इतनी राशी बहुत कम है| और इस राशि से वो सब कुछ नहीं हो सकता जितना की हमारे देश को एक बेहद मज़बूत ढांचे और सुरक्षा कवच की ज़रुरत है| इसी के चलते सेना डेढ़ लाख नौकरियां खत्‍म करने पर विचार कर रही है|

अगर भारतीय सेना इन नौकरियों को ख़त्म करती है तो उसके पास अतिरिक्त खर्च करने के लिए 31,826 से 33,826 हजार करोड़ रुपये की रकम आयेगी| आपको ये जान लेना ज़रूरी है कि सेना के रिटायर्ड जवानों और अधिकारियों को जो पेंशन दी जाती है उसके लिए अलग से एक फंड निर्धारित किया जाता है|

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